डिप्लोमेसी के मैदान में क्रिकेट का तड़का; S. Jaishankar और Brian Lara के बीच मुलाकात क्यों अहम?
Updated on
09-05-2026 12:26 PM
नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 31 जनवरी को त्रिनिदाद और टोबैगो में क्रिकेट के सर्वकालिक महान बल्लेबाजों में शुमार ब्रायन लारा से मुलाकात की। जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लारा के साथ तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें 'वन एंड ओनली' बताया। 17 साल के शानदार करियर में 11,000 से अधिक टेस्ट रन और एक टेस्ट मैच में 400 रन बनाने वाले लारा की मौजूदगी ने भारत और कैरेबियाई देशों के बीच सांस्कृतिक और खेल संबंधों की गहराई को दर्शाया। जयशंकर को विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित एक ध्वजारोहण समारोह में सम्मानित भी किया गया, जहां लारा विशेष रूप से उपस्थित थे। विदेश मंत्री ने लारा के साथ आने के लिए उनका आभार व्यक्त किया।
स्कूली बच्चों को मिले मेड-इन-इंडिया लैपटॉप
कूटनीतिक स्तर पर यह दौरा बेहद सफल रहा। जयशंकर ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर से मुलाकात की और दोनों नेताओं ने मिलकर स्थानीय स्कूली बच्चों को भारत में बने लैपटॉप वितरित किए। यह कदम भारत की 'डिजिटल इंडिया' पहल और विकास सहयोग को वैश्विक स्तर पर साझा करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। जयशंकर ने प्रधानमंत्री बिसेसर के मार्गदर्शन और क्षेत्रीय मुद्दों पर उनकी अंतर्दृष्टि की सराहना की। त्रिनिदाद के संसद भवन में हुए भव्य स्वागत के लिए भी उन्होंने आभार व्यक्त किया और इसे एक विशेषाधिकार बताया।
पर्यटन और सौर ऊर्जा पर हुए महत्वपूर्ण समझौते
इस यात्रा के दौरान भारत और त्रिनिदाद व टोबैगो के बीच द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते मुख्य रूप से पर्यटन, रिनेवेबल एनर्जी, विकास सहयोग और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों को कवर करते हैं। विदेश मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत कैरेबियाई देशों के साथ सौर ऊर्जा और पारंपरिक चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में तकनीक साझा करने को तैयार है। त्रिनिदाद के विदेश मंत्री सीन सोबर्स ने जयशंकर का गर्मजोशी से स्वागत किया, जिसके बाद दोनों देशों के बीच भविष्य की रणनीतियों पर चर्चा हुई।
कैरेबियाई दौरे का सफल समापन
त्रिनिदाद और टोबैगो की यह यात्रा जयशंकर के तीन देशों के आधिकारिक दौरे का आखिरी पड़ाव थी। इससे पहले 24 से 29 जनवरी के बीच उन्होंने जमैका और सूरीनाम का उच्चस्तरीय दौरा किया था। इस पूरे दौरे का मुख्य उद्देश्य कैरेबियाई देशों (CARICOM) के साथ भारत के संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाना और दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करना था। जयशंकर की इस यात्रा ने साबित कर दिया कि भारत न केवल आर्थिक और तकनीकी रूप से कैरेबियाई देशों का साथी है, बल्कि क्रिकेट जैसी साझा विरासत के जरिए भी इन देशों के दिलों के करीब है।
नई दिल्ली: पोलियो ने बचपन में कदम रोक दिए, घरेलू हिंसा ने जिंदगी को दर्द से भर दिया, लेकिन शर्मिला धनखड़ ने कभी हार मानना नहीं सीखा। हरियाणा के रेवाड़ी…
नई दिल्ली: शुभमन गिल की अगुवाई में भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका के दौरे पर जाने वाली है। दोनों टीमों के बीच 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली जाएगी, जिसका आगाज…
ग्लास्गो: घुटने का दर्द फिर से उभरने के कारण राष्ट्रमंडल खेलों की एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पुरुषों की ऊंची कूद स्पर्धा में अपने पहले प्रयास के बाद ही हटने वाले तेजस्विन…
ग्लासगो: खेल का मैदान चाहे कोई भी हो, भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तान के सामने जीत दर्ज कर एक अलग सुकून मिलता है। अबकी बार ये मौका मुक्केबाज जादूमणि सिंह के…
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम का जिम्बाब्वे दौरा खत्म हो चुका है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई में युवा टीम इंडिया ने मेजबानों को 3-0 से मात दी। इस सीरीज में…
नई दिल्ली: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी गंवाने और टीम से बाहर होने का झटका झेल चुके स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने हार नहीं मानी है। टीम इंडिया में दोबारा…
WWE के इतिहास में कई दिग्गज सुपरस्टार आए, लेकिन जॉन सीना ने जो पहचान बनाई, वह बहुत कम रेसलर्स को नसीब हुई। करीब 2 दशकों तक उन्होंने अपने दमदार मुकाबलों…