'गंगा में बिरयानी खाना अपराध नहीं, तो गिरफ्तारी क्यों?': NLIU भोपाल में नागरिक स्वतंत्रता पर बोले जस्टिस उज्जल भुइयां

Updated on 27-07-2026 02:53 PM
भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां ने वाराणसी के चर्चित गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी प्रकरण का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यदि गंगा में नाव पर बिरयानी खाना कानूनन अपराध नहीं है, तो युवाओं को गिरफ्तार कर तीन महीने तक जेल में क्यों रखा गया?उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों से यह संदेश नहीं जाना चाहिए कि कानून का उपयोग नागरिकों की स्वतंत्रता सीमित करने के लिए किया जा रहा है।

समाज का भरोसा ही लोकतंत्र की मजबूती

न्यायमूर्ति भुइयां शनिवार को भोपाल स्थित राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू) में न्यायमूर्ति जी.पी. सिंह चतुर्थ स्मृति व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे। न्यायपालिका में जनविश्वास, न्यायिक निष्पक्षता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए उन्होंने कहा कि न्यायपालिका की सबसे बड़ी शक्ति जनता का विश्वास है। जब तक समाज का भरोसा न्यायपालिका पर बना रहेगा, तब तक लोकतंत्र भी मजबूत रहेगा।

संविधान ने दिया है बात रखने का अधिकार

अपने संबोधन में न्यायमूर्ति भुइयां ने कहा कि देश में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का दायरा लगातार सिमटता दिखाई दे रहा है। अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को गिरफ्तार किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण की आवाज उठाने वालों के साथ भी कई बार अपराधियों जैसा व्यवहार किया जाता है। उन्होंने कहा कि विरोध करना और अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संविधानिक अधिकार है तथा लोकतंत्र की वास्तविक आत्मा बहस, संवाद और असहमति में निहित है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनावश्यक प्रतिबंध न्यायपालिका में जनता के विश्वास को कमजोर कर सकते हैं।

संविधान लोकतांत्रिक मूल्यों की आधारशिला

उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 368 सहित कई महत्वपूर्ण संविधानिक प्रविधानों और ऐतिहासिक न्यायिक निर्णयों का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान केवल कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की आधारशिला है। न्यायपालिका की वैधता उसकी निष्पक्षता, पारदर्शिता, ईमानदारी और संविधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति विशाल धगत, पूर्व मुख्य न्यायाधीश अजीत सिंह, न्यायमूर्ति सत्येन्द्र कुमार सिंह, न्यायमूर्ति राजेन्द्र मेनन, नरेन्द्र प्रताप सिंह, न्यायमूर्ति शांतनु केमकर, न्यायमूर्ति पुरुषेन्द्र कुमार कौरव सहित न्यायपालिका और विधि जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

न्याय निर्णयों के गंभीर अध्ययन पर जोर

न्यायमूर्ति भुइयां ने विधि विद्यार्थियों से न्यायालयों के निर्णयों का गंभीर अध्ययन करने का आह्वान करते हुए कहा कि कानून की उद्देश्यपूर्ण व्याख्या और न्यायिक फैसलों का गहन विश्लेषण न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाता है।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 19 September 2026
भोपाल। परी बाजार, ईदगाह हिल्स स्थित दिव्यांग व विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शासकीय विद्यालय का जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव व अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनीत अग्रवाल ने…
 19 September 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में अतिथि विद्वानों के आंदोलन ने अब राजनीतिक मोड़ ले लिया है। अतिथि विद्वानों ने ‘विद्वान जनता पार्टी’ (VJP) बनाने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि…
 19 September 2026
भोपाल, मप्र में वर्ग-2 और वर्ग-3 शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन आज 30वें दिन पहुंच गया। यानी डीपीआई के सामने शिक्षक अभ्यर्थियों के संघर्ष…
 19 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश वन विभाग ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर अधिकारियों के तबादले किए हैं। शासन द्वारा जारी आदेश के तहत 47 वन…
 19 September 2026
भोपाल । रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खान-पान की गुणवत्ता जांचने के लिए नियमित कार्रवाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन शुक्रवार की कार्रवाई ने निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े…
 19 September 2026
भोपाल। स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनकी आबादी भूमि का मालिकाना हक देने की प्रक्रिया पर पटवारियों के विरोध के कारण रजिस्ट्री का काम दूसरे दिन भी शुरू नहीं…
 19 September 2026
भोपाल। प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 12वीं पास 7,400 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को शनिवार को स्कूटर प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव शासकीय हायर सेकंडरी स्कूलों में कक्षा…
 19 September 2026
भोपाल। तीन महीने की सुस्ती के बाद गणेशोत्सव के शुभ मुहूर्त में राजधानी के प्रॉपर्टी बाजार में रौनक लौट आई है। पिछले पांच दिनों में जमीन, मकान, प्लाट और फ्लैट…
 19 September 2026
भोपाल। मुख्यमंत्री निवास से महज 200 मीटर की दूरी पर स्थित नादिर कॉलोनी में रात के समय सुरक्षा गार्ड पर पिस्टल तानकर धमकाने का मामला सामने आया है। 17-18 सितंबर…
Advt.