नुकसान की भरपाई न करने से MP की 1200 राइस मिलों पर वित्तीय संकट, इनमें से 700 हो गई बंद

Updated on 14-04-2026 11:21 AM

भोपाल। मध्य प्रदेश का राइस मिल उद्योग इन दिनों गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। प्रदेश की करीब 1200 राइस मिलों में से लगभग 700 मिलें बंद हो चुकी हैं या बंद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं।

मिलर्स का आरोप है कि सरकार द्वारा तय अपग्रेडेशन राशि, कस्टम मिल्ड राइस (सीएमआर) और अन्य मदों की बकाया राशि का भुगतान न होने के कारण उनकी आर्थिक हालत बिगड़ गई है। बैंक ऋण, बिजली बिल, मजदूरी और अन्य खर्चों का भार उठाना मुश्किल हो गया है, जिससे बड़ी संख्या में मिलर्स डिफाल्टर हो रहे हैं।

बकाया भुगतान न मिलने से बढ़ा संकट

मध्य प्रदेश चावल उद्योग महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2024-25 के धान अपग्रेडेशन (साफ-सफाई) का लगभग 170 करोड़ रुपये अब तक नहीं मिला है। इसके अलावा बारदाने की उपयोगिता व्यय, मिलिंग, परिवहन, हम्माली और अन्य खर्चों की करीब 30 करोड़ रुपये की राशि भी बकाया है। इस देरी ने मिलर्स की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह कमजोर कर दिया है।

सरकार से मुलाकात, समाधान का आश्वासन

सोमवार को महासंघ के प्रतिनिधियों ने उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और खाद्य नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से मुलाकात कर अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि मिलर्स के सुझावों और समस्याओं का परीक्षण कर उचित समाधान निकाला जाएगा। महासंघ ने ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है।

मिलिंग नीति और रेशो पर उठे सवाल

महासंघ के अध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने बताया कि भारतीय खाद्य मंत्रालय की टेस्ट मिलिंग रिपोर्ट में चावल की झड़ती 67 प्रतिशत से कम और टूटन 25 प्रतिशत से अधिक पाई गई है। इसके बावजूद 67 प्रतिशत चावल जमा करने का नियम लागू है, जिससे मिलर्स को नुकसान हो रहा है। टूटे चावल को कम कीमत पर बेचना पड़ता है, जिसकी भरपाई के लिए अपग्रेडेशन राशि दी जानी थी, लेकिन वह भी नहीं मिली।

मिलिंग में गिरावट, शासन को बढ़ता नुकसान

वर्तमान स्थिति के चलते प्रदेश में मिलिंग कार्य प्रभावित हुआ है और अब तक केवल पांच प्रतिशत मिलिंग ही हो सकी है। मिलर्स की अनिच्छा के कारण वर्ष 2025-26 की धान मिलिंग भी प्रभावित होने की आशंका है। इससे शासन को हर महीने करीब 200 करोड़ रुपये का अतिरिक्त ब्याज, भंडारण शुल्क और सूखत का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

धान के खराब होने का खतरा बढ़ा

मिलिंग कार्य धीमा होने से ओपन कैप में रखी हजारों करोड़ रुपये की धान पर सड़ने का खतरा मंडरा रहा है। बारिश के मौसम में यह संकट और गहरा सकता है। इससे न केवल मिलर्स बल्कि शासन को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

उद्योग बचाने के लिए जल्द निर्णय जरूरी

महासंघ का कहना है कि यदि जल्द बकाया राशि का भुगतान और नीति में सुधार नहीं किया गया तो राइस मिल उद्योग पूरी तरह ठप हो सकता है। इससे हजारों लोगों की आजीविका प्रभावित होगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर भी नकारात्मक असर पड़ेगा।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 10 September 2026
भोपाल, विश्व ईवी दिवस के अवसर पर बुधवार को राजधानी भोपाल में मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मैनिट) की ओर से इलेक्ट्रिक वाहन जागरूकता रैली और ईवी एक्सपो का आयोजन किया…
 10 September 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में 7,500 पुलिस आरक्षकों की भर्ती के लिए कर्मचारी चयन मंडल ने शेड्यूल जारी किया है। आवेदन 22 सितंबर से 6 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे।सफल उम्मीदवारों को…
 10 September 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश सरकार ने पेट्रोल, डीजल और CNG पंप संचालकों को लंबित टैक्स असेसमेंट के मामलों में राहत दी है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के पात्र मामलों में व्यापारियों की ओर…
 10 September 2026
 सागर। बंडा-शाहगढ़ क्षेत्र में अवैध जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद बुधवार को सागर पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर मामले की…
 10 September 2026
भोपाल । जिला पंचायत की बुधवार को आयोजित साधारण सभा की बैठक हंगामेदार रही। बैठक में बैरसिया क्षेत्र की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा गरमाया…
 10 September 2026
भोपाल। नजीराबाद थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम कार सवार चार बदमाशों ने प्रापर्टी डीलर पर लोहे की राड और डंडों से हमला कर दिया। हमले में उसके हाथ-पैर में फ्रैक्चर…
 10 September 2026
भोपाल। राजधानी में संयुक्त राजस्व आयुक्त की चलती कार में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। राहत की बात यह रही कि कार से धुआं उठता देख एक राहगीर…
 10 September 2026
भोपाल। सड़क दुर्घटनाओं और इनमें होने वाली जनहानि को कम करने के लिए प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता में लिया गया है। सड़क सुरक्षा के कामों में लापरवाही…
 10 September 2026
भोपाल। मध्य प्रदेश यात्री परिवहन एवं अधोसंरचना ‘मोबिलिटी विजन: 2030’ का लक्ष्य प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक परिवहन नेटवर्क का विस्तार करना है। इसके अंतर्गत प्रदेश में 15 हजार से…
Advt.