हर्षानंद बोलीं- डॉक्टर के कहने पर चश्मा लगाती हूं:सवाल उठाने वाले संतों से कहा- फॉरेन फंडिंग साबित करें

Updated on 25-04-2026 12:06 PM
भोपाल, उज्जैन में संन्यास विवाद के बीच स्वामी हर्षानंद गिरि (पूर्व में हर्षा रिछारिया) ने नया वीडियो जारी कर संतों के आरोपों पर जवाब दिया। उन्होंने फॉरेन फंडिंग के आरोपों को खारिज किया।

कहा कि एक भी आरोप सही साबित हुआ तो वह अपनी पूरी संपत्ति अर्पित कर देंगी। वहीं आरोप गलत साबित होने पर संबंधित पक्ष से ₹1 करोड़ मानहानि की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी बैंक डिटेल्स सार्वजनिक करने को तैयार हैं।

दो दिन पहले संत समाज के अध्यक्ष अनिलानंद महाराज ने उनके संन्यास पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि बार-बार संन्यास लेने की प्रक्रिया सनातन परंपराओं का मजाक बना रही है और यह सब पब्लिसिटी के लिए हो सकता है। साथ ही विदेशी फंडिंग की संभावना भी जताई थी।

हर्षा बोलीं- सेहत का ख्याल रखूं तो भी सवाल?

हर्षानंद गिरि ने अपने पहनावे और लुक पर हो रही आलोचना पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि डॉक्टर की सलाह पर वह चश्मा पहनती हैं, लेकिन इसे भी फैशन से जोड़कर देखा जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या वह अपनी सेहत का ख्याल भी दूसरों की सोच के हिसाब से रखें?

उन्होंने कहा कि उनके आध्यात्मिक जीवन पर बिना जानकारी के आरोप लगाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि वे 2019 से उत्तराखंड में रहकर गुरु के सानिध्य में कठिन परिस्थितियों में साधना कर रही थीं।

एक महिला के संन्यास लेने पर ही विरोध क्यों हो रहा

हर्षानंद गिरि ने कुछ संतों के पुराने विवादों का जिक्र करते हुए पूछा कि तब इस तरह की प्रतिक्रिया क्यों नहीं आई। उन्होंने सवाल उठाया कि एक महिला के संन्यास लेने पर ही विरोध क्यों हो रहा है।

साथ ही स्पष्ट किया कि उन्होंने खुद को पहले संन्यासी घोषित नहीं किया था और यह बात मीडिया के जरिए कई बार कही थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। “नचनिया-कुदनिया” जैसे शब्दों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।

अंत में उन्होंने कहा कि वे सनातन धर्म के मार्ग पर चल रही हैं और सच्चा साधु ईर्ष्या, द्वेष और अहंकार से दूर होता है।

दरअसल, उज्जैन के मौनी तीर्थ आश्रम में उन्हें महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज ने दीक्षा दिलाई। उनके संन्यास पर मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद को ऐतराज है।

महाराज अनिलानंद ने कहा- यह पूरा घटनाक्रम गलत और सनातन धर्म की मर्यादा के विपरीत है। 900 चूहे खाकर बिल्ली हज को नहीं जा सकती।

प्रयागराज कुंभ के दौरान हर्षा ने संन्यास लेने का दावा किया, लेकिन बाद में सनातन धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें कहीं। ऐसे व्यक्ति का संन्यास लेना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हर्षा को दीक्षा दिलाने वाले सुमनानंदजी महाराज की जांच हो।

यह संन्यास नहीं, परंपरा का अपमान

महाराज अनिलानंद ने कहा- हर्षा रिछारिया पहले भी धार्मिक आयोजनों को लेकर विवादित रुख अपना चुकी हैं। ऐसे आचरण वाले व्यक्ति का संन्यास लेना संदेह पैदा करता है। संन्यास एक पवित्र और अनुशासित परंपरा है, जिसे कोई भी व्यक्ति अचानक नहीं अपना सकता।

उन्होंने कहा- जो लोग पहले अलग जीवन जीते रहे, वे अचानक संन्यास लेकर सम्मान की अपेक्षा नहीं कर सकते। यह हमारे सनातन धर्म के लिए घोर अपमान की बात है।

अखाड़ा परिषद से कार्रवाई की मांग

मध्य प्रदेश संत समिति के अध्यक्ष महाराज अनिलानंद ने अखाड़ा परिषद से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने कहा- जो लोग सनातन धर्म को निशाना बनाने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उन्होंने हर्षा रिछारिया को संन्यास दिलाने वाले महामंडलेश्वर सुमनानंदजी महाराज की भूमिका पर भी सवाल उठाए। दीक्षा दिलाने की जांच की मांग भी की। कहा कि संन्यास एक गहन और दीर्घकालिक प्रक्रिया है, जिसे बचपन से साधना और अनुशासन के साथ अपनाया जाता है। संन्यास लेने वाले को वर्षों तक कठोर नियमों का पालन करना पड़ता है।

इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाए

अनिलानंद महाराज ने चेतावनी देते हुए कहा कि उज्जैन में आगामी धार्मिक आयोजनों के मद्देनजर इस तरह के मामलों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि यदि सनातन परंपरा से छेड़छाड़ की गई, तो कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

इससे पहले स्वामी हर्षानंद गिरि ने संन्यास को अपने जीवन का नया अध्याय बताया था। उन्होंने कहा था कि गुरुदेव के मार्गदर्शन में उन्होंने आध्यात्मिक जीवन का मार्ग चुना है और आगे धर्म, संस्कृति और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहेंगी।

महाकुंभ में संतों के साथ रथ पर बैठी थीं हर्षा

4 जनवरी 2025 को प्रयागराज महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े की पेशवाई निकली थी। उस वक्त 30 साल की मॉडल हर्षा रिछारिया संतों के साथ रथ पर बैठी नजर आई थीं। तब हर्षा से पत्रकारों ने साध्वी बनने पर सवाल किया था।

हर्षा ने कहा था- मैंने सुकून की तलाश में यह जीवन चुना है। मैंने वह सब छोड़ दिया, जो मुझे आकर्षित करता था। इसके बाद मीडिया चैनल ने उन्हें 'सुंदर साध्वी' का नाम भी दे दिया।

इस पर हर्षा फिर से मीडिया के सामने आईं। कहा- मैं साध्वी नहीं हूं। मैं केवल दीक्षा ग्रहण कर रही हूं।

एंकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रहीं

हर्षा स्टेज एंकर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रही हैं। इंस्टाग्राम और फेसबुक पर उनके अच्छे-खासे फॉलोअर्स हैं। वे सनातन संस्कृति के प्रचार-प्रसार से जुड़े वीडियो बनाती थीं। ग्रेजुएट हैं और अहमदाबाद से योग स्पेशल कोर्स कर रखा है। वे निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज की शिष्या हैं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 30 July 2026
भोपाल, इस साल 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन का कैलेंडर 11 साल पुरानी याद ताजा करेगा। 2015 की तरह इस बार भी सावन के चारों सोमवार 3, 10, 17…
 30 July 2026
भोपाल, राज्य सरकार के प्राथमिकता वाले मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान की शुरुआत 7 अगस्त से होगी। इससे पहले बुधवार को मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने प्रदेशभर के कलेक्टरों, संभागायुक्तों और अन्य…
 30 July 2026
भोपाल, मूंग की सौ फीसदी खरीदी और खाद की व्यवस्था में ई टोकन सिस्टम को बंद करने जैसी मांगों को लेकर नर्मदापुरम से भोपाल पैदल पहुंचे किसान राजधानी में डटे रहे।किसानों…
 30 July 2026
भोपाल, तत्काल टिकट के लिए सुबह-सुबह लंबी लाइन, घंटों इंतजार और दलालों की सक्रियता जैसी शिकायतों पर अब पश्चिम मध्य रेलवे ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। एक…
 30 July 2026
भोपाल, मध्य प्रदेश में एक साथ मानसून ट्रफ, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शियर जोन सक्रिय है। भोपाल और उज्जैन में सुबह से रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। बैतूल में बुधवार रात…
 30 July 2026
भोपाल। ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से कमर्शियल रन शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में दो रूटों पर 10 इलेक्ट्रिक बसों का…
 30 July 2026
भोपाल। समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी और खाद वितरण में ई-टोकन व्यवस्था को बदलने की मांग को लेकर भोपाल में दो दिन से डेरा डाले हजारों किसानों ने बुधवार देर…
 30 July 2026
भोपाल। कोलार रोड स्थित अकबरपुर बाघ भ्रमण क्षेत्र में पहाड़ी कटान, अवैध खुदाई और पेड़ों की कटाई के मामले में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच…
 30 July 2026
भोपाल। ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से कमर्शियल रन शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में दो रूटों पर 10 इलेक्ट्रिक बसों का…
Advt.