
हाल ही में जोन नंबर 5 में हटाए गए दो कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि जोन के 5 वार्डों 23, 19, 14, 8, 9 और 22 में करीब 200 से अधिक ऐसे कर्मचारी हैं, जिन्हें नियमित रूप से वेतन मिल रहा है, लेकिन वे ड्यूटी पर नहीं आते। इन कर्मचारियों से वेतन मिलने के बाद संबंधित क्षेत्र के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी (एएचओ) द्वारा 3 हजार रुपए और पार्षद पति द्वारा 5 हजार रुपए की मांग की जाती है।
महिला ने तो सुसाइड करने की भी कोशिश की। वार्ड-14 में नगर निगम की कचरा गाड़ी चलाने वाले कर्मचारी आसिफ खान और उसी वाहन पर कार्यरत महिला कर्मचारी समरीन ने वीडियो जारी कर आरोप लगाया है कि उनसे हर महीने पैसे मांगे जाते थे।
जब तक वे मांग के अनुसार रकम देते रहे, तब तक उनकी नौकरी चलती रही। लेकिन पिछले कुछ समय से मांग बढ़ने के बाद उन्होंने पैसे देना बंद कर दिया, जिसके बाद उनकी आईडी बंद कर दी गई और उन्हें काम से हटा दिया गया। दोनों कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले छह से सात महीने तक वे नियमित रूप से पैसे देते रहे।]
बिना काम किए क्यों देंगे सैलरी, शराब के नशे में रहता है, आरोपों की जांच करा लें
वार्ड 14 के पार्षद पति मसूद अली का कहना है जिन लोगों ने आरोप लगाए हैं। उनकी खुद ही जांच होना चाहिए। ताकि ये पता चल कि वो क्या काम कर रहे हैं। ऑफिस की वार्ड में ढेरों शिकायतों को बाद में हटाया गया। इधर, एएचओ आसिफ नजीर का कहना है कि कई पुलिस थाने में इसकी शिकायत हो चुकी हैं। वार्ड में ये व्यक्ति काम नहीं करता है। अपनी मर्जी से गाड़ी चलाता है। शराब के नशे में रहता है। जो आरोप लगाए गए हैं उसमें दम नहीं है। चाहे तो अलग से जांच कराई जा सकती है।
बयान लेने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी...
अस्पताल से सूचना मिली थी कि एक महिला ने सुसाइड करने कोशिश की है। हालांकि अभी महिला के बयान नहीं हो पाए हैं। बयान लेने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। ये भी नहीं पता कि वो महिला नगर निगम की कर्मचारी है या नहीं। मामले में जांच की जा रही है। इसके बाद ही कुछ कह सकेंगे।
- महेंद्र सिंह ठाकुर, टीआई, गौतम नगरपुलिस थाना
मुझे जानकारी नहीं है, पति से बात कर लें मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। यदि पति पर कोई आरोप लग रहे हैं तो आप उनसे बात कर लीजिए। वैसे कर्मचारियों के बारे में कुछ नहीं पता।
-शीबा मसूद अली, पार्षद वार्ड 14