कटनी जिले के बड़वारा में रेत से भरा हाइवा दो दिन से थाने में खड़ा है। खनिज विभाग ने वाहन को ओवरलोड बताकर जब्त करने की बात कही है, जबकि स्थानीय लोगों का दावा है कि ई-खनिज पोर्टल पर पिछले चार दिन से इसकी ई-टीपी दर्ज नहीं थी। ग्रामीणों ने बुधवार को कलेक्टर के नाम शिकायत देकर मामले की जांच की मांग की है।
खनिज अधिकारी बोले- वाहन के पास वैध ई-टीपी थी
हाइवा का नंबर MP21ZJ8279 है। जिला खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित ने बुधवार को कहा कि वाहन ओवरलोड था और उसके पास वैध ई-टीपी थी।
वहीं, स्थानीय निवासी राघवेंद्र सिंह ने दावा किया कि मध्य प्रदेश के ई-खनिज पोर्टल पर पिछले चार दिन से इस वाहन के लिए रेत की ई-टीपी दर्ज नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जांच कराई गई है।
खनिज विभाग पर मिलीभगत का आरोप
स्थानीय ग्रामीण अवध यादव ने आरोप लगाया कि इलाके में रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। उन्होंने इसमें खनिज विभाग की मिलीभगत का भी आरोप लगाया।
यादव का कहना है कि यदि वाहन बिना वैध ई-टीपी के चल रहा था, तो विभाग ने सिर्फ ओवरलोडिंग के आधार पर कार्रवाई क्यों की। वहीं, विभाग का कहना है कि वाहन के पास वैध ई-टीपी थी।
बछरवारा में 200 घन मीटर रेत जब्त की थी
इससे पहले बीते सप्ताह बछरवारा गांव में माइनिंग विभाग ने 200 घन मीटर रेत जब्त की थी। उस मामले में किसी स्पष्ट आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करने के बजाय अज्ञात के नाम पर केस दर्ज किया गया था। इसे लेकर भी विभाग की कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल उठे थे।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और जानकारों ने भी मामले की जांच की मांग की है। उनका सवाल है कि यदि हाइवा बिना ई-टीपी के रेत ले जा रहा था, तो विभाग ने केवल ओवरलोडिंग का मामला मानकर कार्रवाई क्यों की।
वहीं, यदि वाहन के पास वैध ई-टीपी थी, तो पोर्टल पर उसका डेटा क्यों नहीं दिख रहा था। इन सवालों के बीच ग्रामीणों ने बड़वारा क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।