
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले के लात नाला (माधोपाली पुल) में तेज बहाव के दौरान कार सहित बह गए दंपती के शव चार दिनों की लगातार चली खोजबीन के बाद बरामद कर लिए गए। जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने कठिन परिस्थितियों में लगातार अभियान चलाते हुए नदी से कार को बाहर निकाला, जिसमें चालक देवनारायण पटेल और उनकी पत्नी के शव कार के अंदर मिले।
जानकारी के अनुसार, रविवार शाम हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद से ही प्रशासन लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ था। तेज जलधारा और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन बुधवार को आखिरकार टीमों को सफलता मिली। बताया गया कि कार की पिछली सीट पर दंपती एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले, जिसने मौके पर मौजूद लोगों को भावुक कर दिया।
इस अभियान में रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर और कोरबा से आई एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की टीमों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार और शवों की बरामदगी के दौरान घटनास्थल पर हजारों लोगों की भीड़ मौजूद रही।
कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू और पुलिस अधीक्षक सुनील शर्मा पूरे अभियान के दौरान मौके पर मौजूद रहे तथा शुरुआत से ही रेस्क्यू ऑपरेशन की लगातार निगरानी करते रहे। अधिकारियों के नेतृत्व और विभिन्न एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से चार दिन बाद इस अभियान को सफलता मिली।घटना के बाद कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी-नालों, जलमग्न पुल-पुलियों और तेज बहाव वाले मार्गों को पार करने का जोखिम न उठाएं। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।