
युवती के अनुसार, उसकी बहन ने विवाह के लिए जीवनसाथी डॉट कॉम पर प्रोफाइल बनाई थी। इसी दौरान उसकी बातचीत उदयपुर निवासी युवक से हुई। परिवार की मौजूदगी में दोनों की एक मुलाकात भी हुई, लेकिन पहली मुलाकात के बाद युवक का व्यवहार संदिग्ध लगा। इसके बाद परिवार ने रिश्ता आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया।
आरोप है कि इसके बाद युवक लगातार कॉल और मैसेज करने लगा। परेशान होकर युवती ने जुलाई 2025 में उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बावजूद वह अलग-अलग नंबरों से संपर्क करता रहा और परिवार के अन्य सदस्यों को भी परेशान करने लगा।
एक ही दिन में करीब 500 टैक्सी और बाइक घर पहुंचीं
पीड़िता का आरोप है कि जनवरी 2026 में युवक ने उसके पते पर ओला, ऊबर और रैपिडो के जरिए लगातार बुकिंग कराईं। एक ही दिन में करीब 500 टैक्सी और बाइक उसके घर पहुंच गईं।
बताया गया कि आरोपी उज्जैन के लिए लंबी दूरी की राइड बुक करता था। अधिक कमाई की उम्मीद में ड्राइवर दूर-दूर से बुकिंग एक्सेप्ट कर लेते थे। इससे परिवार के साथ-साथ कैब ड्राइवरों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
ब्लॉक किए जाने के बाद फर्जी प्रोफाइल बनाकर नजर रखी
युवती का दावा है कि ब्लॉक किए जाने के बाद आरोपी ने किसी अन्य व्यक्ति की तस्वीर लगाकर नया प्रोफाइल बनाया। इसके जरिए वह यह पता लगाने की कोशिश करता रहा कि युवती किसी दूसरे रिश्ते के लिए बातचीत कर रही है या नहीं। शिकायत के बाद संबंधित प्रोफाइल हटा दी गई।
कार्ड में मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का जिक्र
आरोप है कि उसने युवती की गोद भराई के फर्जी इनविटेशन कार्ड भी छपवाए। कार्ड में मेहमानों को चांदी का सिक्का देने का उल्लेख किया गया था, ताकि ज्यादा लोग कार्यक्रम में पहुंचें। बाद में ये कार्ड हॉकर के जरिए पूरी कॉलोनी में बांटे गए।
परिवार के साथ वाहन चालक भी परेशान
पीड़ित का आरोप है कि जनवरी 2026 में युवक ने उसके पते पर ओला, ऊबर और रैपिडो जैसी सेवाओं के जरिए लगातार बुकिंग कराईं। एक ही दिन में करीब 500 टैक्सी और बाइक उसके घर पहुंच गईं।
बताया गया कि आरोपी उज्जैन के लिए लंबी दूरी की राइड बुक करता था। अधिक कमाई की उम्मीद में ड्राइवर दूर-दूर से बुकिंग स्वीकार कर लेते थे। नतीजा यह हुआ कि परिवार के साथ-साथ वाहन चालक भी परेशानी का शिकार बने।
पीड़ित युवती ने मामले की शिकायत महिला आयोग में भी की है। हाल ही में उसने आयोग के सामने अपने बयान दर्ज कराए हैं। आगे कार्रवाई की मांग की है।
एआई जनरेटेड फोटोज को सोशल मीडिया पर वायरल किया
युवती का आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी ने AI की मदद से उसकी फर्जी शादी और हनीमून की तस्वीरें जनरेट कीं। इन्हें सोशल मीडिया और वॉट्सएप स्टेटस पर वायरल किया गया।
साइबर एक्सपर्ट शृंगारिता खरे के अनुसार, AI की मदद से किसी व्यक्ति की फर्जी या मॉर्फ्ड तस्वीरें बनाना उसकी निजता का उल्लंघन है। इससे पीड़ित को मानसिक तनाव, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच सकता है।
उनके मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) में ऐसे मामलों में कार्रवाई का प्रावधान है। अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे के नाम या मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर बार-बार कैब बुक करता है, तो इसे ऑनलाइन उत्पीड़न माना जा सकता है।
जानकारों का कहना है कि तकनीक ने लोगों की जिंदगी आसान बनाई है, लेकिन इसके दुरुपयोग के मामले भी बढ़ रहे हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सेवा प्रदाताओं और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए।