संघर्ष से आत्मनिर्भरता तक -मनीषा नायक की प्रेरणादायक सफलता की कहानी

Updated on 26-05-2026 12:36 PM

बीजापुर। बीजापुर की रहने वाली 22 वर्षीय मनीषा नायक ने यह साबित कर दिया कि यदि सही मार्गदर्शन और दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कठिन परिस्थितियों में भी सफलता प्राप्त की जा सकती है। सीमित संसाधनों और बेरोजगारी जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आज वे एक सफल राइस मिल संचालक के रूप में आत्मनिर्भर जीवन जी रही हैं।

बेरोजगारी और संघर्ष का दौर- मनीषा नायक का जीवन शुरुआत में संघर्षों से भरा रहा। पढ़ाई पूरी करने के बाद भी उन्हें लंबे समय तक कोई स्थायी रोजगार नहीं मिल पाया। लगातार प्रयासों के बावजूद सफलता हाथ नहीं लग रही थी। समय के साथ मानसिक तनाव बढ़ने लगा और भविष्य को लेकर चिंता भी गहराती गई। परिवार की आर्थिक स्थिति साधारण होने के कारण उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी दृ आत्मनिर्भर बनना और अपने परिवार का सहारा बनना। लेकिन उन्होंने परिस्थितियों के सामने हार मानने के बजाय समाधान खोजने का निर्णय लिया।

नई उम्मीद की शुरुआत- इसी दौरान उन्हें किसी परिचित के माध्यम से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बीजापुर के बारे में जानकारी प्राप्त हुई। वहाँ पहुँचने पर विभागीय अधिकारियों ने उन्हें बहुत सहज और प्रेरणादायक तरीके से  PMFME योजना के बारे में समझाया।

PMFME योजना से मिला आत्मविश्वास- प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम योजना ( PMFME ) विशेष रूप से उन युवाओं के लिए बनाई गई है, जो स्वयं का छोटा व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं। विभाग द्वारा दी गई जानकारी और मार्गदर्शन ने मनीषा के भीतर नया आत्मविश्वास जगाया। उन्हें पहली बार महसूस हुआ कि वे भी अपने दम पर कुछ बड़ा कर सकती हैं।

बैंक ऋण से शुरू हुआ नया सफर- विभाग के प्रोत्साहन और सहयोग से मनीषा ने भारतीय स्टेट बैंक की भैरमगढ़ शाखा में  PMFME योजना के अंतर्गत क्रेडिट लोन के लिए आवेदन किया। सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद उन्हें 2,70,000/- (दो लाख सत्तर हजार रुपये) का ऋण स्वीकृत हुआ। यह आर्थिक सहायता उनके सपनों को साकार करने की पहली मजबूत सीढ़ी बनी।

राइस मिल की स्थापना - गांव के लिए बड़ी सुविधा- ऋण प्राप्त होने के बाद मनीषा ने अपने क्षेत्र में राइस मिल की स्थापना की। यह पहल केवल उनके लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के ग्रामीणों के लिए भी अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई। पहले ग्रामीणों को धान से चावल निकलवाने के लिए 05 से 08 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। इससे समय, श्रम और पैसे -तीनों की हानि होती थी। लेकिन अब स्थानीय स्तर पर ही यह सुविधा उपलब्ध हो जाने से लोगों को काफी राहत मिली है।

व्यवसाय से बढ़ी आय और आत्मनिर्भरता- मनीषा अब धान से चावल निकालकर ग्राहकों तक पहुँचाती हैं, जिससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। इसके अतिरिक्त वे धान की भूसी और ब्रान (चोकर) भी बेचती हैं, जिससे उनकी आय में और वृद्धि हो रही है। यह छोटा सा व्यवसाय उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन लेकर आया है। आज वे आर्थिक रूप से मजबूत बनी हैं और अपने परिवार के लिए एक सहारा साबित हो रही हैं।

चुनौतियाँ भी आईं, लेकिन हिम्मत नहीं हारी- व्यवसाय की शुरुआत आसान नहीं थी। मशीन संचालन सीखना, ग्राहकों से संपर्क बनाना और व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से चलाना ये सभी उनके लिए नई चुनौतियाँ थीं। लेकिन उन्होंने धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास के साथ हर कठिनाई का सामना किया। धीरे-धीरे उनका अनुभव बढ़ता गया और आज उनका व्यवसाय सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है।

महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा- मनीषा नायक की सफलता यह संदेश देती है कि यदि महिलाओं को सही अवसर और मार्गदर्शन मिले, तो वे न केवल आत्मनिर्भर बन सकती हैं बल्कि समाज और गांव के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं। उनकी यह यात्रा अन्य युवाओं और महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनना चाहती हैं।

आभार एवं भविष्य की योजना- मनीषा नायक जिला उद्योग केंद्र, बीजापुर के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करती हैं, जिन्होंने उन्हें सही दिशा और सहयोग प्रदान किया। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि भविष्य में भी उद्योग विभाग से इसी प्रकार का सहयोग मिलता रहेगा, जिससे वे अपने व्यवसाय का और विस्तार कर सकेंगी तथा अन्य महिलाओं को भी रोजगार और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित कर सकेंगी।

मनीषा नायक की यह कहानी केवल एक व्यवसाय शुरू करने की कहानी नहीं है, बल्कि यह आत्मविश्वास, संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता की मिसाल है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो कठिन से कठिन परिस्थितियाँ भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।



अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 30 July 2026
सारंगढ़ बिलाईगढ़। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू, एसपी सुनील शर्मा, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला आपदा राहत की टीम ने मिलकर लगातार काम किया। इससे लात नाला (माधोपाली पुल) में हुए हादसे…
 30 July 2026
कोंडागांव। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण कोंडागांव–जोंधरापदर–नारायणपुर मार्ग में नारंगी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी का पानी पुल के ऊपर लगभग एक फीट तक बहने…
 30 July 2026
कोंडागांव। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश /अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव  खिलावन राम रिगरी के मार्गदर्शन एवं *सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांवसुश्री गायत्री साय के नेतृत्व में *अधिकार…
 30 July 2026
कोंडागांव,प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री  लखनलाल देवांगन ने बुधवार को कोंडागांव जिले के एक दिवसीय प्रवास के दौरान कोपाबेड़ा स्थित प्राचीन शिव मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों…
 30 July 2026
जांजगीर-चांपा। जिले में संचालित एग्रीस्टैक कृषक पंजीयन एवं बकेट क्लेम विशेष शिविरों का कलेक्टर  जन्मेजय महोबे ने आज खरौद एवं राहौद क्षेत्र में निरीक्षण किया। उन्होंने शिविरों में पहुंचकर पंजीयन…
 30 July 2026
रायपुर। पश्चिम बंगाल के ऊपर बने गहरे अवदाब (डीप डिप्रेशन) के प्रभाव से सावन माह के पहले ही दिन राजधानी रायपुर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश हुई।…
 30 July 2026
दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में दिनदहाड़े चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। पुलगांव थाना क्षेत्र में अज्ञात चोरों ने एक कारोबारी की कार का शीशा तोड़कर 4 लाख…
 30 July 2026
रायपुर। सावन माह की शुरुआत के साथ ही राजधानी रायपुर के प्राचीन महादेव घाट स्थित हटकेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गुरुवार तड़के सुबह 4 बजे से…
 30 July 2026
सारंगढ़-बिलाईगढ़ । जिले के लात नाला (माधोपाली पुल) में तेज बहाव के दौरान कार सहित बह गए दंपती के शव चार दिनों की लगातार चली खोजबीन के बाद बरामद कर…
Advt.