प्रशांत द्वीप समूह में भारत कैसे कर रहा मदद
- प्रशांत द्वीप समूह के क्षेत्र के प्रति भारत का नजरिया हमेशा से जरूरतों पर आधारित, विकास-केंद्रित और लोगों को प्राथमिकता देने वाला रहा है।
- भारत, 'पैसिफिक आइलैंड फोरम' की 'ब्लू पैसिफिक कॉन्टिनेंट के लिए 2050 की रणनीति' में बताई गई प्राथमिकताओं का पूरा सम्मान और समर्थन करता है।
- प्रशांत द्वीप समूह देशों में भारत की विकास परियोजनाएं आजीविका को मजबूत करने, क्षमता निर्माण और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने पर हमारे साझा फोकस को दर्शाती हैं।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित एक्शन प्लान के तहत काफी प्रगति हुई है; इसमें हेल्थकेयर, रिन्यूएबल एनर्जी, कनेक्टिविटी, टेक्नोलॉजी और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
- यह माना गया कि 'अल नीनो' पैसिफिक आइलैंड देशों के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा करता है और भारत इस घटना के बुरे असर को कम करने में मदद के लिए तैयार है।
- स्पेस, टिकाऊ तटीय और समुद्री रिसर्च में सहयोग के प्रयासों पर जोर दिया गया। सभी सदस्यों को 'इंटरनेशनल सोलर अलायंस' और 'कोएलिशन फॉर डिजास्टर रेजिलिएंट इंफ्रास्ट्रक्चर' में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया गया; इनके तहत क्लाइमेट चेंज, रिन्यूएबल एनर्जी और टिकाऊ विकास से जुड़ी कई परियोजनाएं पहले से ही चल रही हैं।


