बॉलीवुड की 'खल्लास गर्ल' ईशा कोप्पिकर उन सेलेब्स में से हैं, जिन्होंने NEET पेपर लीक से जुड़े छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान PM नरेंद्र मोदी और उनकी मां के खिलाफ अपशब्दों की जमकर आलोचना की। 49 साल की एक्ट्रेस ने खुद को 'राष्ट्रवादी' बताया और Gen Z छात्रों की हरकतों को 'देश-विरोधी' और लोकतंत्र को 'कमजोर' करने वाला कहा। इस कारण उनकी ट्रोलिंग हुई। कथित तौर पर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उन्हें अनफॉलो किया। अब एक्ट्रेस ने ताजा इंटरव्यू में इस पर दो टूक बात की है। ईशा ने उन सेलेब्स पर निशाना साधा है, जो 'फॉलोअर्स' के कारण बेबाक राय रखने से बचते हैं। ईशा कोप्पिकर ने कहा- 'मैं ऐसा नहीं करूंगी, मैं ऐसी ही हूं। हूं मैं अंधभक्त। जो ऐसा करते हैं, उनका भी सम्मान है। यह उनके संस्कार हैं।'ईशा कोप्पिकर ने 'फिल्मीबीट' से बातचीत की है और राष्ट्रवादी सोच को अपना अभिमान बताया है। उन्होंने छात्रों के सरकार से सवाल पूछने और मुद्दे उठाने के अधिकार का समर्थन किया है, लेकिन व्यक्तिगत गाली-गलौज, नाम लेकर बुरा-भला कहने और देश-विरोधी व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। लेकिन ऑनलाइन आलोचना और अनफॉलो करने के ट्रेंड पर डिप्लोमैटिक होने या चुप रहने वाले रवैये पर कड़ा ऐतराज भी जताया है।ईशा कोप्पिकर बोलीं- लोगों ने मुझे अंधभक्त बुलाया, हूं मैं अंधभक्त
साल 2019 में भारतीज जनता पार्टी जॉइन करने वालीं ईशा कोप्पिकर कहती हैं, 'इंस्टाग्राम पर बहुत से लोगों ने मुझे अनफॉलो कर दिया, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। कुछ लोग अनफॉलो करेंगे ही, लेकिन बहुत से लोगों ने मुझे फॉलो भी किया है। बहुत से लोगों ने मुझे अंधभक्त बुलाया। हूं मैं अंधभक्त। अपने देश के लिए।'
ईशा कोप्पिकर की दो टूक- मैं बयान से पीछे नहीं हटूंगी
'कंपनी', 'फिज़ा' और 'एक विवाह ऐसा भी' जैसी फिल्मों की एक्ट्रेस से पूछा गया कि क्या इससे आपको कोई फर्क नहीं पड़ता? क्या वह बयान से पीछे नहीं हटेंगी? इस पर ईशा कोप्पिकर ने कहा, 'पीछे हटने का क्या मतलब है? अगर किसी को बुरा लगता है... मैं किसी को जाकर दुख पहुंचाने वालों में से नहीं हूं। लेकिन अपनी राय बताना, अपनी बात रखना... जैसा कि मैंने कहा, मेरी सोच बहुत पक्की है।'ईशा कोप्पिकर ने सेलेब्स पर कसा तंज- यह उनके संस्कार हैं
ईशा कोप्पिकर ने आगे उन सेलेब्स पर तंज कसा, जो कथित तौर पर सोशल मीडिया के दबाव में जीते हैं। एक्ट्रेस ने कहा, 'एक सेलिब्रिटी के तौर पर मुझे लगता है कि आपमें लोगों को प्रभावित करने की ताकत होती है। अगर मैं किसी चीज में यकीन रखता हूं, तो मैं गलत इन्फ्लुएंस क्यों करूंगी? क्योंकि मुझे अपनी फिल्मों के लिए फैंस चाहिए? या वे मुझे अनफॉलो ना करें? या मैं नहीं चाहती कि वे मेरे साथ कुछ गलत करें। बहुत से लोग ऐसा कर रहे हैं। मैं ऐसा नहीं कर सकती। मैं ऐसा ही हूं। लेकिन सबकी अपनी-अपनी सोच होती है। मेरा मतलब है, मैं उनका भी सम्मान करता हूं जो ऐसा करते हैं। यह उनके संस्कार हैं।'ईशा ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर उठाए थे सवाल
जानकारी के बता दें कि बीते जुलाई महीने में जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान ईशा कोप्पिकर ने कई सारे पोस्ट्स किए थे। तब उनकी खूब आलोचना भी हुई थी। इस पर जुलाई महीने के अंत में ही एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर ट्रोलर्स को जवाब दिया था। उन्होंने तब लिखा, 'अगर देश से प्यार करने की वजह से मुझ पर कोई लेबल लगता है, तो लगने दो। मैं शर्मिंदा होने के बजाय गर्व करना पसंद करूंगी। हां, मैं अंधभक्त हूं। मैं भारत भक्त हूं।'ईशा कोप्पिकर ने 'तानाशाही' शब्द पर जताई थी आपत्ति
ईशा कोप्पिकर की आलोचना उनके एक वीडियो को लेकर हुई, जिसमें उन्होंने लोकतंत्र, राजनीतिक चर्चा और बॉलीवुड हस्तियों की CJP विरोध प्रदर्शनों पर कथित चुप्पी को लेकर हो रही आलोचना पर बात की थी। ईशा ने लोगों से अपील की कि वे सोशल मीडिया की बातों और ऑनलाइन बहस में उलझने के बजाय जरूरी मुद्दों पर ध्यान दें। उन्होंने राजनीतिक चर्चाओं में 'तानाशाही' शब्द के इस्तेमाल के खिलाफ भी आगाह किया और कहा, 'लोकतंत्र सिर्फ बोलने की आजादी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें जिम्मेदारी भी शामिल है। असली तानाशाही वह व्यवस्था है जहां नागरिक गंभीर नतीजों का सामना किए बिना सरकार की आलोचना नहीं कर सकते, इसलिए इस शब्द का इस्तेमाल हल्के में नहीं किया जाना चाहिए।'