सर्वदलीय बैठक में हुई थी चर्चा
बारामती से सासंद सुप्रिया सुले ने पत्रकारों को बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई सर्वदलीय बैठक में इस प्रस्ताव पर चर्चा हुई थी। सुले ने साफ किया कि इस चर्चा में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), कांग्रेस और डीएमके ने भी सकारात्मक रुख अपनाया था। उन्होंने कहा कि अगर सोमवार से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र में यह बिल पेश किया जाता है, तो पार्टी इसका समर्थन करेगी।
संसद में बढ़ गई NDA की ताकत
गौरतलब हो कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह 13 अगस्त तक चलेगा। सत्र में इस बिल के पेश किए जाने के पूरी संभावना है। महाराष्ट्र से शरद पवार की एनसीपी का समर्थन मिलने से बीजेपी की अगुवाई वाले एनडीए का संख्याबल बढ़ गया है। पिछले सत्र में विपक्ष की एकता के कारण बिल गिर गया था। शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के पास आठ सांसद हैं। इतना ही नहीं शरद पवार राज्यसभा में खुद सदस्य हैं। ऐसे में संविधान संशोधन बिल पर मोदी सरकार की राह आसान हो गई है, क्योंकि टीएमसी के 20 बागी सांसदों और उद्धव ठाकरे के छह सांसदों पहले ही एनडीए के समर्थन को मजबूत कर चुके हैं।


