भोपाल। जिले में अवैध कॉलोनियों और बिल्डरों के खिलाफ शिकायतों का सिलसिला तेज हो गया है। कलेक्ट्रेट स्थित कॉलोनी सेल में विशेष रूप से हुजूर और कोलार तहसील क्षेत्र से बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंच रही हैं।
शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए अपर कलेक्टर (एडीएम) ने संबंधित एसडीएम को प्रत्येक मामले की विधिवत जांच कर नियमानुसार निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। हाल ही में गोल्डन सिटी, राधा कृष्ण कुंज और डी आइडियल सिटी से जुड़े मामलों में रहवासियों ने कालोनाइजरों पर गंभीर अनियमितताओं, धोखाधड़ी और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगाते हुए प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है
ये है पूरा मामला
- कॉलोनी सेल में प्राप्त शिकायतों के अनुसार ग्राम नीलबढ़ स्थित गोल्डन सिटी कॉलोनी के श्यामनारायण, सुरेंद्र मिश्रा, रघुवीर सिंह, राजकुमार, शिवकुमार सहित अन्य रहवासियों ने मेसर्स बी एंड के एसोसिएट्स के पार्टनर्स पर बिना वैधानिक अनुमति लगभग 36 हेक्टेयर क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने का आरोप लगाया है।
- रहवासियों का कहना है कि समय-समय पर चार अलग-अलग लेआउट तैयार कर भूखंडों की संख्या 198 से बढ़ाकर 305, फिर 384 और उससे अधिक कर दी गई, जबकि खरीदारों को इसकी जानकारी नहीं दी गई। पार्क, सार्वजनिक उपयोग और अन्य आरक्षित भूमि पर भी प्लाट बनाकर बेच दिए गए।पानी, सीवेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया।
- रहवासियों ने राजस्व अभिलेखों में दर्ज सरकारी रास्ते की भूमि पर भी व्यावसायिक निर्माण और विक्रय का आरोप लगाया है और पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच, एफआइआर करवाकर शेष भूमि के विक्रय पर रोक लगाने की मांग की है।
कालोनाइजर ने वसूला विकास शुल्क, नहीं दी सुविधाएं
- करोंद जेल रोड स्थित राधा कृष्ण कुंज कॉलोनी के मनीष, विजय सहित करीब 50 परिवारों ने आरोप लगाया कि कालोनाइजर ने विकास शुल्क लेने के बावजूद सड़क, नाली, बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट, पार्क और बाउंड्री वाल जैसी सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं।
- सरकारी नाले की भूमि पर भी प्लॉट बेच दिए गए, जिससे बारिश में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। बिजली बिल जमा नहीं होने से कई दिनों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने तथा नामांतरण प्रक्रिया लंबित है।पीड़ितों ने दोषियों के खिलाफ एफआइआर करवाने की मांग की है।
287 शिकायतों में जल्द शुरू होगी कार्रवाई
- कॉलोनी सेल को जनसुनवाई के दौरान 287 शिकायतें प्राप्त हुईं थी, जिनमें कोलार व हुजूर तहसील इलाके की कालोनियों की शिकायतें शामिल हैं। इनमें कॉलोनाइजर व बिल्डरों ने सुविधाओं का दावा कर लोगों को प्लाट व मकान बेचे हैं,लेकिन अब भी कालोनियों में न तो सड़क बनी हैं और न ही बिजली, पानी व सीवेज की व्यवस्था की गई है।इस वजह से लोग परेशान होते हैं।
- कॉलोनी सेल के अनुसार प्राप्त सभी शिकायतों को संबंधित एसडीएम व विभागीय अधिकारियों को परीक्षण एवं जांच के लिए भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर राजस्व, नगर निगम, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और अन्य संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इनका कहना है
कॉलोनी सेल को एक दिन की जनसुनवाई में जो शिकायतें प्राप्त हुईं थी, उनको विभाग अनुसार विभाजित कर दिया गया है। वहीं अब भी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, संबंधित कॉलोनाइजर व बिल्डर को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।यदि शिकायत सही पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुमित पांडे, एडीएम व प्रभारी कॉलोनी सेल