नई दिल्ली: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के असली महानायक संजू सैमसन ने विश्व विजेता बनने के बाद अपने घर तिरुवनंतपुरम पहुंचकर परिवार के साथ एक बेहद भावुक मुलाकात की। मैदान पर रिकॉर्ड्स की झड़ी लगाने वाले संजू ने अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और भाइयों को दिया है, जिन्होंने उनके करियर के हर उतार-चढ़ाव में एक ढाल बनकर उनका साथ दिया।परिवार के साथ भावुक मिलन और माता-पिता का आभार
संजू सैमसन ने अपने पिता सैमसन विश्वनाथ, मां लिगी, भाई सैली और अपने मैनेजर के साथ पुनर्मिलन की तस्वीरें साझा कीं, जिसमें उनकी आंखों में जीत की चमक और परिवार के प्रति प्रेम साफ दिखाई दे रहा था। संजू ने एक दिल छू लेने वाले संदेश में लिखा कि उनके अच्चन (पिता) और अम्मा (मां) ने ही उन्हें एक खिलाड़ी बनने की सीख दी और खेल का सम्मान करना सिखाया। उन्होंने अपने भाई सैली का विशेष जिक्र करते हुए कहा कि वे तब से उनके साथ खड़े हैं जब उन्होंने जीवन में पहली बार गेंद का सामना किया था।संजू के अनुसार, परिवार के इसी अटूट भरोसे ने उन्हें आज इस मुकाम तक पहुंचाया है। संजू सैमसन ने जो वीडियो पोस्ट किया है उस वीडियो में उनका परिवार काफी सिंपल का नजर आ रहा है। उनके पिता और भाई हाफ पैंट और स्लीपर्स में नजर आ रहे हैं।
आलोचनाओं के शोर से प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट तक का सफर
वर्ल्ड कप से ठीक पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू का प्रदर्शन काफी निराशाजनक रहा था, जहां उन्होंने 5 मैचों में केवल 9.20 की औसत से 46 रन बनाए थे। उस समय उनकी टीम में जगह और काबिलियत पर कई सवाल उठ रहे थे, लेकिन वर्ल्ड कप के मंच पर उन्होंने जो बाउंस बैक किया, उसने आलोचकों का मुंह पूरी तरह बंद कर दिया। संजू ने टूर्नामेंट में गजब की निरंतरता दिखाई और 80.25 की अविश्वसनीय औसत व करीब 200 के तूफानी स्ट्राइक रेट से 5 मैचों में कुल 321 रन बनाकर भारत को तीसरा खिताब दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।विराट कोहली का रिकॉर्ड ध्वस्त और फाइनल में ऐतिहासिक पारी
संजू सैमसन ने इस टूर्नामेंट के जरिए क्रिकेट इतिहास के पन्नों में अपना नाम स्वर्णाक्षरों में दर्ज करा लिया है। उन्होंने एक टी20 वर्ल्ड कप सीजन में सर्वाधिक रनों का विराट कोहली का 10 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया, कोहली ने 2014 में 319 रन बनाए थे, जबकि संजू 321 रन तक पहुँचे। यही नहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ फाइनल में संजू द्वारा खेली गई 89 रनों की पारी अब टी20 वर्ल्ड कप फाइनल इतिहास का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर बन गई है। उनके इस असाधारण प्रदर्शन के कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया और वे आईसीसी की टीम ऑफ द टूर्नामेंट के भी प्रमुख सदस्य बने।