• गौरव खरे •
निवाड़ी। पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन के प्रखर नेता एवं समाजवादी विचारधारा के पुरोधा पूर्व विधायक स्वर्गीय विद्याभूषण ठाकुर की 25वीं पुण्यतिथि पर शासकीय डॉ. भीमराव अंबेडकर महाविद्यालय के सभागार में एक गरिमामयी व विशाल स्मृति सभा का आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर देश भर से आए प्रख्यात विचारकों, जनप्रतिनिधियों और जनसमुदाय ने स्वर्गीय ठाकुर के जनहितैषी संघर्षों और वैचारिक अवदान को नमन किया।
कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता, डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों के संवाहक एवं प्रख्यात गांधीवादी-समाजवादी चिंतक श्री कैलाश रावत जी (निवाड़ी, मध्य प्रदेश) ने अपने ओजस्वी और सारगर्भित संबोधन से पूरे प्रांगण को मंत्रमुग्ध कर दिया। भव्य मंच से विचार रखते हुए श्री रावत ने कहा— स्वर्गीय ठाकुर विद्याभूषण जी वस्तुतः डॉ. राम मनोहर लोहिया के असल उत्तराधिकारी थे।
उन्होंने अपने जीवनकाल में एक भयमुक्त समाज की स्थापना के लिए अभूतपूर्व संघर्ष किया। विद्याभूषण जी के अवसान के साथ ही समाजवादी आंदोलन का एक सुनहरा अध्याय समाप्त हो गया। उन्होंने अंतिम सांस तक समाज में बुनियादी और वैचारिक बदलाव के लिए कार्य किया।
श्री कैलाश रावत के इस तथ्यपरक और भावुक संबोधन के दौरान महाविद्यालय का पूरा सभागार देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। उपस्थित बुद्धिजीवियों और युवाओं ने उनके विचारों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।