नोएडा: यमुना डूब क्षेत्र में बने अवैध फार्म हाउसों पर 20 को गरजेगा बुलडोजर, तैयारी तेज, लापरवाही पर नपेंगे अफसर
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18-06-2026 02:43 PM
नोएडा: सोशल मीडिया पर इस समय यमुना-हिंडन नदी के डूब क्षेत्र में चल रही अवैध बनावट और नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई की जमकर चर्चा हो रही है। दरअसल, नोएडा प्राधिकरण ने 20 जून तक सभी अवैध पक्के निर्माण तोड़ने का आदेश दिया है। सीईओ कृष्णा करुणेश ने निर्देशों का पालन नहीं होने पर जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की चेतावनी दी है। सीईओ के इस आदेश को लेकर लोग तरह-तरह की बात कर रहे है। लोग यमुना-हरनंदी के डूब क्षेत्र में चल रही अवैध बनावट और नोएडा प्राधिकरण की सख्त कार्रवाई पर गर्मा-गर्म बहस कर रहे हैं।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने नोएडा प्राधिकरण के कदम का स्वागत किया है और इसे पारिस्थितिक संतुलन के लिए आवश्यक बताया है। समर्थक ये तर्क दे रहे हैं कि अवैध फार्महाउस, रिसॉर्ट और स्विमिंग पूल जैसी संरचनाओं ने नदियों के प्राकृतिक बहाव को बाधित कर बाढ़ के समय जोखिम बढ़ा दिया है। कुछ लोग कार्रवाई को देर से उठाया गया सही कदम मानते हुए अधिकारियों से त्वरित और पारदर्शी एक्शन की मांग कर रहे हैं। वहीं, आलोचक भी कम नहीं हैं। कुछ यूज़र्स ने यह भी कहा कि लंबे समय से नोटिफाइड डूब क्षेत्रों में स्थायी निर्माण कैसे संभव हुआ, यह प्रशासनिक लापरवाही का सबूत है और जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
20 जून तक होगा बुलडोजर एक्शन
नोएडा प्राधिकरण ने यमुना-हरनंदी के बाढ़ प्रभावित इलाके में स्थित सभी अनधिकृत निर्माण 20 जून तक गिराने का आदेश जारी किया है। सीईओ कृष्णा करुणेश ने कहा कि निर्देश का पालन नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारी से हटा दिया जाएगा। यमुना-हरनंदी के डूब इलाके में तेजी से फैल रहे अवैध निर्माण नदियों के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन रहे हैं। इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने 20 जून तक व्यापक कार्रवाई कर सभी अवैध ठोस और पक्के निर्माणों को हटाने का निर्देश दिया है।
लापरवाही बरतने पर अफसर हटाए जाएंगे: सीईओ
सीईओ ने अपने विभाग के वर्क सर्किल अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि 20 जून तक यमुना-हरनंदी के डूब क्षेत्र से अवैध निर्माण हटाए नहीं गए तो उन्हें उनके-अपने क्षेत्रों से हटाया जाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि यह इलाका प्राधिकरण का नोटिफाइड क्षेत्र है और यहां किसी भी तरह का स्थायी निर्माण वर्जित है, फिर भी वर्षों से अवैध फार्महाउस, पक्के मकान, रिसॉर्ट जैसे ढांचे और यहां तक कि स्विमिंग पूल भी बनाए जा चुके हैं। सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माणाधीन तथा पहले से मौजूद सभी अवैध पक्के ढांचों की सूची बनाकर उन्हें तोड़ा जाए।
इन सेक्टरों में बन चुके हैं अवैध फार्म हाउस
अधिकारियों को सीईओ की ओर से दिए गए समय सीमा अवधि के भीतर ठोस और प्रभावी कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है। डूब क्षेत्र में अवैध आबादी और निर्माणों की वजह से बाढ़ के समय बड़ी संख्या में लोगों को बचाना पड़ता है, जिससे पिछले सालों में यमुना के दौरान रेस्क्यू ऑपरेशनों में गंभीर समस्याएं सामने आई हैं। यमुना नोएडा के सेक्टर-94, 124, 125, 127, 128, 131, 133, 134, 135, 168 और 150 के पास से बहती है। वहीं, हिंडन छिजारसी से होकर सेक्टर-63A, बेहलोलपुर, शहदरा, सुथियाना, गढ़ी चौखंडी, सेक्टर-123, 118, 115, 143, 143A, 148 और 150 होते हुए मोमनाथल के नजदीक यमुना में मिल जाती है। इन दोनों नदियों के तटीय डूब क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध फार्म हाउस और पक्के निर्माण बन चुके हैं।