भोपाल के जेपी हॉस्पीटल में अब सीधे बेड तक पहुंचेगी ऑक्सीजन, नई पाइपलाइन बिछाने की तैयारी

Updated on 18-05-2026 04:59 PM

भोपाल। भोपाल के जेपी अस्पताल में अब ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था पूरी तरह आधुनिक होने जा रही है। अस्पताल में नई सेंट्रलाइज्ड ऑक्सीजन पाइपलाइन प्रणाली स्थापित की जाएगी, जिससे मरीजों को सीधे बेड तक निर्बाध ऑक्सीजन उपलब्ध हो सकेगी। अभी तक कई वार्डों में सिलेंडरों पर निर्भरता बनी रहती थी, जिससे आपात स्थिति में परेशानी होती थी।

नई व्यवस्था में हाई-प्रेशर पाइपलाइन, आधुनिक कंट्रोल पैनल और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने सप्लाई, इंस्टालेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग के साथ-साथ नियमित मेंटेनेंस की जिम्मेदारी भी विशेषज्ञ एजेंसी को सौंपने की तैयारी की है। इससे अस्पताल में गंभीर मरीजों के इलाज में तेजी और सुरक्षा दोनों बढ़ेंगी।

आधुनिक ऑक्सीजन पाइपलाइन से बदलेगी व्यवस्था

जेपी जिला अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई के लिए अब पुरानी व्यवस्था को हटाकर अत्याधुनिक पाइपलाइन नेटवर्क तैयार किया जाएगा। नई प्रणाली के तहत अस्पताल के विभिन्न वार्डों में सीधे पाइपलाइन के माध्यम से ऑक्सीजन पहुंचाई जाएगी। इससे मरीजों को सिलेंडर बदलने या उन्हें एक वार्ड से दूसरे वार्ड तक ले जाने की परेशानी नहीं होगी।

हाई-प्रेशर सिस्टम और कंट्रोल पैनल होंगे स्थापित

अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, नई व्यवस्था में हाई-प्रेशर पाइपिंग सिस्टम और आधुनिक कंट्रोल पैनल लगाए जाएंगे। इन पैनलों के माध्यम से ऑक्सीजन के दबाव और प्रवाह की लगातार निगरानी की जा सकेगी। इससे गैस लीकेज जैसी घटनाओं की संभावना काफी कम हो जाएगी और अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।

मेंटेनेंस पर रहेगा विशेष फोकस

सरकारी अस्पतालों में अक्सर उपकरणों के रखरखाव की समस्या सामने आती रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार इंस्टालेशन के साथ मेंटेनेंस को भी अनुबंध का हिस्सा बनाया गया है। किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में एजेंसी तुरंत सुधार कार्य करेगी, जिससे मरीजों को किसी तरह की दिक्कत का सामना न करना पड़े।

मरीजों और परिजनों को मिलेगा बड़ा राहत

जेपी अस्पताल में हर दिन भोपाल सहित आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं। गंभीर मरीजों के लिए यह नई पाइपलाइन व्यवस्था जीवनदायिनी साबित होगी। चौबीसों घंटे ऑक्सीजन उपलब्ध रहने से डॉक्टरों को इलाज में आसानी होगी और मरीजों के परिजनों को सिलेंडर की व्यवस्था के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

विशेषज्ञ टीम करेगी निगरानी

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि पूरी परियोजना विशेषज्ञ एजेंसी की निगरानी में पूरी की जाएगी। इंस्टालेशन, टेस्टिंग और कमीशनिंग के दौरान तकनीकी विशेषज्ञ लगातार निरीक्षण करेंगे ताकि व्यवस्था पूरी तरह सुरक्षित और प्रभावी बन सके।


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